सीआरपीएफ दुर्गापुर में शौर्य दिवस का भव्य आयोजन 

सीआरपीएफ दुर्गापुर में शौर्य दिवस का भव्य आयोजन 

दुर्गापुर : शौर्य दिवस का भव्य आयोजन 09 अप्रैल 2024 को ग्रुप केन्द्र दुर्गापुर में शौर्य दिवस का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर गु्रप केन्द्र दुर्गापुर में अवस्थित शहीद स्मारक पर ग्रुप केन्द्र दुर्गापुर रेंज दुर्गापुर एवं 169 बटालियन के अधिकारियों एवं कार्मिकों ने भाग लिया एवं पुष्प चक्र एवं पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस अवसर पर एक विषेष सैनिक सम्मेलन का आयोजन कर वीर नारियों व गैलेन्ट्री मेडल से सम्मानित अधिकारियों एवं कार्मिकों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर ग्रुप केन्द्र, के0रि0पु0बल दुर्गापुर के पुलिस उप महानिरीक्षक श्री देवव्रत भट्टाचार्य ने कहा कि शौर्य दिवस का हमारे लिए बहुत ही महत्व है। यह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के बहादुर सैनिकों को सम्मानित करने का एक विशेष दिन है, जिसके बारे में मैं आप सबकों बताना चाहूंगा । यह हर साल 9 अप्रैल को होता है। यह दिन उन बहादुर सैनिकों को याद कर अपनी श्रद्धा सुमन अर्पित करने के बारे में है, जिन्होंने देश के लिए लड़ते हुए अदम्य साहस का परिचय दिया था। 1965 में, भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध के दौरान सीआरपीएफ सैनिकों के एक छोटे समूह ने कुछ अद्भुत काम किए। तत्कालीन पश्चिमी पाकिस्तान की सीमा से सटे कुछ भारतीय क्षेत्र पर अपना दावा स्थापित करने के लिए, पाकिस्तान ने अप्रैल 1965 में भारतीय चौकियों के विरूद्व ऑपरेषन डेजर्ट हॉक चलाया था, ताकि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कब्जा कर सके। उस समय केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की द्वितीय वाहिनी की चार कम्पनी रन ऑफ कच्छ(गुजरात) के सरदार चौकी ऑर टॉक चौकियों पर सुरक्षा के लिए तैनात थी। आज ही के दिन यानि 09/04/1965 को लगभग 0330 बजे पाकिस्तान सेना की इन्फैन्ट्री ब्रिगेड ने सरदार चौकी एवं टॉक चौकी पोस्टों पर आक्रमण कर दिया। केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों ने करीब 12 घन्टे तक वीरतापूर्वक युद्ध किया तथा आक्रमण को निष्फल कर दिया। मुठभेड़ के दौरान पाकिस्तानी सेना के 34 जवानों को मार गिराया तथा 04 जवानों को के0रि0पु0बल द्वारा जीवित पकड लिया गया था। इस कार्यवाही में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के 08 जवान शहीद हो गये और 19 जवानों को पाकिस्तानी सेना द्वारा बंधक बना लिया गया। द्वितीय बटालियन, के0रि0पु0बल के जवानों की दृढता एवं पराक्रम ने पाकिस्तानी इन्फैन्ट्री ब्रिगेड को 12 घण्टे तक निकट नहीं आने दिया। सैनिक लड़ाई के इतिहास में यह एक अद्वितीय कार्य है, जिसमे अर्द्ध सैनिक बल की एक छोटी सी टुकड़ी के जवानों ने पूरे ब्रिगेड के सुनियोजित आक्रमण को निष्फल कर दिया और उन्हें पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। सीआरपीएफ सैनिकों के समूहों द्वारा दिखाई गई अद्भुत बहादुरी को याद करने और उनका सम्मान करने के लिए हर साल 9 अप्रैल को यह दिवस मनाया जाता है। यह हमें यह याद दिलाता है कि हमारे वीर जवान कितने साहसी, धैर्यवान और दूसरों की रक्षा के प्रति समर्पित थे। हम भी उन्ही की विरासत हैं और हम यह मानते हैं कि हमारे लिए राष्ट्र हित ही सर्वोपरि है। देश की सुरक्षा और संरक्षा हमारे लिए जान से भी बढकर है। यह दिन सभी पुलिस बलों के लिए प्रेरक है और इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह देश की सुरक्षा और अखंडता की रक्षा में सी0आर0पी0एफ कर्मियों के साहस, समर्पण और बलिदान का सम्मान करता है। मुझे उम्मीद है कि हम सभी इस महान बल की गौरवशाली इतिहास और स्वर्णिम भविष्य के लिए कृतसंकल्पित थे , हैं और रहेंगें। इस अवसर पर वीर नारी श्रीमती इति सुत्रधर (पत्नी शहीद सिपाही/जी0डी0 विकास सुत्रधर) , वीर नारी श्रीमती कृष्णा दास (पत्नी शहीद सिपाही/जी0डी0 रूप नारायण दास ), वीर नारी श्रीमती चैना संतरा (पत्नी शहीद हवलदार/जी0डी0 बी0एल0 संतरा ) एवं गैलेन्ट्री मेडल से सम्मानित श्री संजय कुमार, उप कमाण्डेंट रेंज दुर्गापुर , श्री संदीप, उप कमाण्डेंट,ग्रुप केन्द्र दुर्गापुर एवं सिपाही/ जी0डी0 रौशन कुमार के साथ साथ ग्रुप केन्द्र दुर्गापुर , रेंज दुर्गापुर एवं 169 बटालियन के सभी अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित थे ।


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